Sunday, December 29, 2013

Income Tax Department Assessment of Jan Mitra Nyas (2011-12)

Income tax assessment of Jan Mitra Nyas,a public charitable Trust(Legal holder of PVCHR) is attached. This good report is outcome of hard work of all or staffs in general and Finance department in particulars(Mr. Umesh Singh,Mr. Ajeet Kumar Singh in leadership of Mr. Ajay Singh:finance manager).

From desk of Executive Director

Friday, December 27, 2013

Fighting caste discrimination

Caste is one of India’s most enduring institutions and still retains its hold on Indian society. For those not fortunate to be born in the higher echelons of the caste hierarchy, life can be difficult indeed. Despite government efforts, caste discrimination is still rife, and low-caste Indians have to bear the brunt of poverty, illiteracy and violence. Lenin Raghuvanshi is in the forefront of the fight against caste discrimination, to ensure a just and equal society.

Raghuvanshi is the founder of the People’s Vigilance Committee on Human Rights (PVCHR), which fights for the rights of marginalized people in several North Indian states, especially in the area around Varanasi in Uttar Pradesh.

Raghuvanshi was born in an upper caste family, which he describes as “feudal”. He got a bachelor’s degree in ayurveda, modern medicine and surgery from the State Ayurvedic College in Haridwar. But the social inequities that faced India made him take up the cause of bonded labourers. This is when he noticed that not a single bonded labourer came from the upper caste, and realised that the problem was essentially caste.

In 1996, Raghuvanshi founded PVCHR to fight the caste system. He works to ensure basic rights to vulnerable groups like children, women, Dalits, tribes and minorities. Raghuvanshi and his team works at the grassroots level in Varanasi and around 200 villages in Uttar Pradesh and five other states. PVCHR works to eliminate situations that give rise to the exploitation of vulnerable and marginalized groups, and to start a movement for a people-friendly movement (Jan Mitra Samaj) through an inter-institutional approach.

Raghuvanshi has his task cut out for him since the lot of Dalits and other oppressed minorities continues to be dismal. “In the past, if anyone from the lower caste breached the unwritten law of caste hierarchy, the person would be beaten up in public. Now the person will be shot dead and the village burnt down and the women raped. A bridegroom riding a horse during his wedding, an enterprising peasant digging a well on his land, if a boy falls in love with a girl – do you kill them? Yet, if they belong to the Dalit caste they are killed. We still say that there is rule of law in India,” he said in his acceptance speech while receiving the Gwangju Prize for Human Rights.

He is also concerned about the plight of women and children in this country. “India is still very much a patriarchal and caste-based society with gender discrimination. The destructive effects of gender discrimination, patriarchal oppression and the semi-feudal society so prevalent in 21st century India are manifest in our 55 million children, employed at times in subhuman conditions,” he says in a newspaper interview.

Raghuvanshi received the Gwangju Human Rights Award in 2007. He was made an Ashoka Fellow in 2001 and was presented the International Human Rights Prize of the City of Weimar (Germany) in 2010. Raghuvanshi once said to a newspaper that caste discrimination is so rife in Bundelkhand that a Dalit has to take off his chappal and hold it in his hand if a person belonging to the Thakur caste approaches. It’s not something that would make us proud.
How can you Help?
Caste approaches is not something that would make us proud 

Contact details of the NGO/Institution

Name :  Lenin Raghuvanshi 
Email ID
Contact Number :  9935599333
Address  PVCHR Varanasi, Uttar Pradesh 

Saturday, August 31, 2013

Please support to child of lessor god: survivor of police torture

Please support to child of lessor god: survivor of police torture
Please support for the medical treatment of Pramod Kumar Yadav 17 years old student of class 12 in Krishak Inter college, Harhuwa,Varanasi,UP in India. On 6th August, 2013 he was picked up by the four policemen from outside school premise. For three days he faced severe police torture in the custody for the confession of crime. Please watch his pathetic story of crime against humanity on the follows YouTube:
PVCHR got this information from the newspaper clipping and immediately intervened with the concerned authorities and now admitted the child in Regional hospital Pandit Deen Dayal Hospital, Varanasi.

Therefore if you want to support this child or cause please contribute one day salary or income.
Name of bank: UCO bank Address of Bank Pandeypur, Varanasi, U.P India
Bank account number:
(Foreign contribution): 20110100001170
 (Indian contribution):  20110100000768
Bank account name/beneficiary:   Jan Mitra Nyas
SWIFT No:   UCBAINBB106 (mention please transfer to account no. 1170,
UCO Bank Pandeypur, Varanasi)
IFSC No. :       UCBA0002011
Address of Bank: Pandeypur, Varanasi, U.P India

For more information please visit:

Monday, August 19, 2013

पुलिस प्रशासन द्वारा कानून विरोधी इन घटनाओं में लगातार हीलाहवाली के खिलाफ प्रदेश व्यापी सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है।

पुलिस प्रशासन द्वारा कानून विरोधी इन घटनाओं में लगातार हीलाहवाली के खिलाफ प्रदेश व्यापी सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है।

मानवाधिकार जननिगरानी समिति के तत्त्वाधान में डा0 लेनिन के नेतृत्व में
दौलतपुर काली माता मन्दिर के पास समिति के कार्यालय जाने वाले रास्ते के
मोड़ पर स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2013 से प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से 8:00
बजे के बीच अपने समर्थकों के साथ बैठ कर सत्याग्रह चलाया। जिसमे इस
क्षेत्र में हिरोईन अफीम जैसे नशीले पदार्थो की बिक्री एवं सेक्स रैकेट
संचालन पर प्रभावी रोकथाम, डा0 लेनिन पर जानलेवा हमले की घटना में 90 के
बाद भी कोई जांच नही होने, चार्जशीट नही दाखिल किये जाने, डा0 लेनिन एवं
श्रुति के पर फर्जी मुकदमा किये जाने, सुनील गुप्ता द्वारा फेसबुक पर
अपमानजनक टिप्पणी के बाद आई0टी0 एक्ट में पंजीकृत मुकदमे में पुलिस
द्वारा 90 दिन बीत जाने के बाद भी कोई जांच व कार्यवाही नही किये जाने के
मुददे पर लगातार चार दिन सत्याग्रह चलाया गया। लेकिन पुलिस प्रशासन
द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नही की गयी।

पुलिस प्रशासन द्वारा कानून विरोधी इन घटनाओं में लगातार हीलाहवाली के
खिलाफ प्रदेश व्यापी सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न
स्थानों पर पुलिस माफियाआ गठजोड़ के खिलाफ एक दिन प्रतिकात्मक रूप से धरने
पर बैठकर इन मांगों सहित क्षेत्रीय मांगों को शामिल करते हुए सत्याग्रह
चलायेगें। इन मांगों को माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश को दिया

आज जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह के समर्थन में सैकड़ों की संख्या में
सत्याग्रहि शामिल हुए। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश और
श्रीमान् पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश को 15 फीट का फ्लैक्स हस्ताक्षर
कर भेजा गया। इस सत्याग्रह को कैरिटास इंडिया एवं सिक्रम बैंगलोर सहित कई
मानवाधिकार संगठनांे ने अपना समर्थन दिया। सत्याग्रहियों ने अपील की कि
सत्याग्रह की इन मांगों पर आप सभी अपने घरों और इलाकों में कानून का राज
स्थापित करने के लिए प्रतिकात्मक रूप में मोमबत्ती जलाये।

सत्याग्रह में पिण्डरा, मंगारी, अहिरावीर, रौनाबार, औरावं, खरगपुर, किनऊ,
सरायं, जमापुर, थाना, नयेपुर, असवारी, अनेई, हमीरापुर, निदंनपुर, खटौरा,
गाँगकला, कोईरीपुर, कुड़ी, बसनी-चनौली, आयर, मुर्दहा, लखमीपुर, भटौली,
परमन्दापुर, महमुदपुर, धन्नीपुर, बघवानाला, सरायमोहाना और चिरईगाँव आदि
गाँवों के सहित लोग शामिल हुए।

हम सभी सत्याग्रहीयों की निम्नलिखित मांगें है:-

1. हिरोईन और अफीम बेचना बंद हों।

2. सेक्स और ड्रग माफिया के साथ पुलिसया गठजोड़ बंद हो।

3. आई0टी0 एक्ट के खिलाफ गैर कानूनी कार्यो में लिप्त लोगों के
विरूद्ध कैण्ट थाना में पंजीकृत मुकदमा संख्या 418/13 में जाँच हों।

4. मानवाधिकार कार्यकर्ता डा0 लेनिन पर 24 अप्रैल, 2013 में हुए जान
लेवा हमलें की घटना में कैण्ट थाना द्वारा पंजीकृत मु0सं0 359/13 में
पुलिस द्वारा जाँच क्यों नहीं ?

5. भेलूपुर थाना में फर्जी मु0सं0 199/13 दर्ज कराने वालों के
विरूद्ध कार्यवाही की जाए।

(डा0 लेनिन)


Sunday, August 18, 2013

जनमित्र न्यास/मानवाधिकार जननिगरानी समिति का सोसल आडिट: 2013

जनमित्र न्यास/मानवाधिकार जननिगरानी समिति जो एक सामाजिक संगठन है जमीनीस्तर पर वंचितों, दलितों अल्पसंख्यको के साथ पिछले 20 वर्षो से भारत के विभिन्न जगहों पर लगातार लोगो के मानवाधिकार को संरक्षित करने का काम कर रही है | संस्था आज मानवाधिकार संरक्षण के रूप में पूरी देश दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी है | संस्था किसी भी तरह का कोइ भी सरकारी आर्थिक सहायता नहीं लेती है | संस्था देश विदेश से विभिन्न दानदात्री संस्थाओं से अपने कार्य को करने के लिए लेती है

आज 18 अगस्त २०१३ को संस्था के सभी आय व्यय को जनता और प्रशासन के सामने सोसल आदित के रूप में रखा | संस्था ने अपने इस वित्तीय वर्ष का पूरा लेखा-जोखा, बिल-बाउचर, बैलेंस शीट सभी के समक्ष प्रस्तुत किया | जिसमे वाराणसी शहर के अलावा वाराणसी के हरहुआ, बडागांव, पिंडरा, काशीविद्यापीठ, अराजीलाईं, चिरईगांव ब्लाक के साथ ही अलीगढ़, अम्बेडकरनगर, मुरादाबाद, मेरठ, सोनभद्र, झारखंड से आये विभिन्न समुदाय के लोग उपस्थित थे | साथ ही इस सोसल आडिट में अन्य संस्था के लोग भी शामिल थे | संस्था के फाईनेंस मैनेजर अजय और उनके साथी उमेश और अजीत ने इस सोसल आडिट में संस्था के इस वित्तीय वर्ष अप्रैल २०१२ से मार्च २०१३ का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया | लोगो ने प्रश्न पूछा बिल बाउचर, बैलेंस शीट देखा |  आय-व्यय के साथ ही  संस्था की संपत्ति का भी पूरा व्यौरा सभी के समक्ष रखा |संस्था में विभिन्न परियोजनाओ में कार्य हेतू सामान्य श्रेणी के 21 % मुस्लिम ३६ % और पिछड़ी अनुसुचित जाति  43% है | जिसमे ६०% पुरुष और 40% महिला स्टाफ की नियुक्ति है, संस्था स्टाफ की नियुक्ति किसी धर्म या जाति के आधार पर नहीं होती बल्कि उनके योग्यता एव कार्य क्षमता के अनुरूप होती है, परन्तु संस्था हमेशा ये प्रयास करती है की महिलाओ, अति वंचितों, दलितों, पिछडो एवम् अल्पसंख्यको को पूरा मौका प्रदान करती है
इस सोसल आडिट में संस्था के महासचिव डा0 लेनिन ने अपील की  इसी तरह सरकार और अन्य सामाजिक संस्थाए संस्थाए भी अपना सोसल आडिट जनता सरकार के समक्ष रखे जिससे पारदर्शिता लोकतंत्र और कानून का राज स्थापित हो सके  |

इसके साथ ही संन्था के मैनेजमेंट टीम के डा0 राजीव सिंह , शिरीन शबाना खान अनूप श्रीवास्तव ने संगठात्मक मैनुनल जिसमे संस्था के कार्य करने संस्था में नियुक्ति कैसे होती है, काम का मूल्यांकन कैसे होता है किस आधार पर पदोन्नति होती है और संस्था से जुड़े सभी स्टाफ का वेतन क्या है, संस्था PF में रजिस्टर्ड है और  संस्था को ISO सर्टिफिकेट भी प्राप्त है इसको भी सभी के समक्ष रखा |  

कार्यक्रम का संचालन  संस्था की मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुती ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संस्था के गोवार्निंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने दिया  | सोशल ऑडिट में गोवार्निंग बोर्ड के सदस्य रागिब अली, इफ़्तेख़ार, शकुंतला, नीता, संध्या समेत लगभग १५० लोगों ने भाग लिया|